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सोने में निवेश कैसे करें? - Gold Investment Options in Hindi

सोने में निवेश करने के सबसे बेस्ट तरीके कौन से हैं? जानिए फिजिकल गोल्ड, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB), गोल्ड ETF और गोल्ड म्यूचुअल फंड के फायदे और नुकसान। शुरुआती लोगों के लिए गोल्ड इन्वेस्टमेंट गाइड।

सोने में निवेश कैसे करें? - Gold Investment Options in Hindi

Table of Contents

गोल्ड यानी सोना, हमेशा से भारतीयों के लिए एक पसंदीदा निवेश रहा है। यह न केवल मुश्किल समय में काम आता है, बल्कि महंगाई को मात देने में भी मदद करता है। पर क्या आप जानते हैं कि आज के डिजिटल ज़माने में सोने में निवेश करने के कई स्मार्ट तरीके आ गए हैं?

इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि आप सोने में कितने तरीकों से निवेश कर सकते हैं और आपके लिए सबसे बेस्ट तरीका कौन-सा है।

सोने में निवेश क्यों करें?

पैसे की कीमत समय के साथ घटती है (जिसे महंगाई कहते हैं), लेकिन सोने की कीमत लंबी अवधि में हमेशा बढ़ती है।

उदाहरण के लिए:

  • 1964 में 10 ग्राम सोने का भाव ₹63.25 था।
  • 2020 में यही 10 ग्राम सोना ₹48,651 का हो गया।

इससे साफ़ है कि अगर आपने अपने पैसे को सोने में निवेश किया होता, तो आपको कितना ज़बरदस्त रिटर्न मिलता।

सोने में निवेश के 4 मुख्य तरीके

आज आप फिजिकल गोल्ड के अलावा डिजिटल गोल्ड में भी निवेश कर सकते हैं। आइए इन सभी तरीकों को समझते हैं।

1. फिजिकल गोल्ड (Physical Gold)

यह सोने में निवेश का सबसे पुराना और पारंपरिक तरीका है, जिसमें आप सोने के सिक्के, बिस्कुट या गहने खरीदकर अपने पास रखते हैं।

  • फायदे: आप सोने को अपने पास महसूस कर सकते हैं।
  • नुकसान:
    • मेकिंग चार्ज: गहनों पर 10% से 25% तक का मेकिंग चार्ज लगता है, जो बेचते समय वापस नहीं मिलता।
    • सुरक्षा: चोरी या खोने का डर हमेशा बना रहता है।
    • शुद्धता: शुद्धता की गारंटी हमेशा नहीं होती।

2. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (Sovereign Gold Bond - SGB)

यह RBI (Reserve Bank of India) द्वारा जारी किया जाने वाला एक सरकारी बॉन्ड है। यह डिजिटल गोल्ड में निवेश का सबसे अच्छा तरीका माना जाता है।

  • फायदे:
    • एक्स्ट्रा ब्याज: सोने की बढ़ती कीमत के अलावा, सरकार आपको 2.5% सालाना ब्याज भी देती है।
    • सुरक्षा: यह पूरी तरह से सुरक्षित है क्योंकि यह RBI द्वारा जारी किया जाता है।
    • कोई GST नहीं: इसे खरीदते समय कोई GST नहीं लगता।
    • टैक्स फ्री: 8 साल बाद बेचने पर होने वाले मुनाफे (Capital Gain) पर कोई टैक्स नहीं लगता।
  • नुकसान:
    • लॉक-इन पीरियड: इसका लॉक-इन पीरियड 8 साल का होता है। हालांकि, आप 5 साल बाद या डीमैट अकाउंट के ज़रिए इसे स्टॉक एक्सचेंज पर बेच सकते हैं।

3. गोल्ड ETF (Gold Exchange Traded Fund)

गोल्ड ETF, म्यूचुअल फंड की तरह ही होते हैं, जिन्हें आप स्टॉक एक्सचेंज (BSE/NSE) पर खरीद और बेच सकते हैं। 1 गोल्ड ETF की यूनिट का मतलब 1 ग्राम सोना होता है।

  • फायदे:
    • कोई मेकिंग चार्ज नहीं: इसमें कोई मेकिंग चार्ज नहीं लगता।
    • उच्च लिक्विडिटी: आप इसे बाज़ार के समय में कभी भी खरीद या बेच सकते हैं।
    • SIP की सुविधा: आप इसमें SIP (Systematic Investment Plan) के ज़रिए भी निवेश कर सकते हैं।
  • नुकसान:
    • डीमैट अकाउंट ज़रूरी: गोल्ड ETF में निवेश के लिए आपके पास डीमैट अकाउंट होना ज़रूरी है।
    • एक्सपेंस रेशियो: इसे मैनेज करने के लिए AMC (Asset Management Company) एक छोटा सा चार्ज लेती है।

4. गोल्ड म्यूचुअल फंड (Gold Mutual Fund)

यह एक ऐसा म्यूचुअल फंड है जो सीधे सोने में निवेश न करके गोल्ड ETF में निवेश करता है।

  • फायदे:
    • डीमैट अकाउंट ज़रूरी नहीं: इसमें निवेश के लिए डीमैट अकाउंट की ज़रूरत नहीं होती।
    • SIP की सुविधा: आप मात्र ₹500 की SIP से भी निवेश शुरू कर सकते हैं।
  • नुकसान:
    • थोड़ा ज़्यादा एक्सपेंस रेशियो: चूँकि यह गोल्ड ETF में निवेश करता है, इसलिए इसका एक्सपेंस रेशियो गोल्ड ETF से थोड़ा ज़्यादा होता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q. शुरुआती लोगों के लिए सोने में निवेश का सबसे अच्छा तरीका कौन सा है?
A.

अगर आप लंबी अवधि (8 साल या उससे ज़्यादा) के लिए निवेश करना चाहते हैं और टैक्स बचाना चाहते हैं, तो सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) सबसे बेस्ट है। अगर आप कम समय के लिए निवेश करना चाहते हैं और आसानी से खरीदना-बेचना चाहते हैं, तो गोल्ड ETF या गोल्ड म्यूचुअल फंड एक अच्छा विकल्प है।

Q. क्या गोल्ड में निवेश के लिए डीमैट अकाउंट होना जरूरी है?
A.

गोल्ड ETF में निवेश के लिए डीमैट अकाउंट ज़रूरी है। लेकिन, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) और गोल्ड म्यूचुअल फंड में आप बिना डीमैट अकाउंट के भी निवेश कर सकते हैं।

Q. गोल्ड ETF और गोल्ड म्यूचुअल फंड में क्या अंतर है?
A.

गोल्ड ETF को आप स्टॉक की तरह एक्सचेंज से खरीदते हैं, जिसके लिए डीमैट अकाउंट चाहिए। वहीं, गोल्ड म्यूचुअल फंड को आप किसी भी AMC से सीधे खरीद सकते हैं और इसके लिए डीमैट अकाउंट की ज़रूरत नहीं होती।

Q. क्या फिजिकल गोल्ड में निवेश करना अच्छा है?
A.

पहनने के लिए गहने खरीदना ठीक है, लेकिन निवेश के नज़रिए से फिजिकल गोल्ड अच्छा विकल्प नहीं है क्योंकि इसमें मेकिंग चार्ज, GST और सुरक्षा जैसे कई मुद्दे होते हैं। डिजिटल गोल्ड इन सभी समस्याओं का समाधान है।


निष्कर्ष

तो दोस्तों, अब आप जान गए होंगे कि सोने में निवेश करने के कितने तरीके हैं। अगर आप सच में सोने की बढ़ती कीमतों का फायदा उठाना चाहते हैं, तो फिजिकल गोल्ड की बजाय डिजिटल गोल्ड (SGB, Gold ETF, Gold Mutual Fund) में निवेश करें।

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