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Ahmad
· Tax · 3 min read

Salary par Tax Kaise Calculate Kare? New vs Old Regime

सैलरी पर इनकम टैक्स कैसे कैलकुलेट करें? जानिए ओल्ड और न्यू टैक्स रिजीम के अंतर, स्टैंडर्ड डिडक्शन और टैक्स बचाने के बेहतरीन तरीके हिंदी में।

Salary par Tax Kaise Calculate Kare? New vs Old Regime

Table of Contents

क्या आपकी सैलरी से हर महीने TDS कटता है? या क्या आप साल के अंत में टैक्स की गणना को लेकर परेशान रहते हैं? भारत में सैलरीड क्लास के लिए टैक्स सिस्टम थोड़ा जटिल हो सकता है, खासकर तब जब आपके पास दो अलग-अलग टैक्स रिजीम (Old vs New) चुनने का विकल्प हो।

आज के इस आर्टिकल में हम स्टेप-बाय-स्टेप समझेंगे कि Salary par Tax Kaise Calculate Kare ताकि आप अपनी टैक्स प्लानिंग सही ढंग से कर सकें और ज़्यादा बचत कर सकें।

1. ग्रॉस सैलरी (Gross Salary) को समझें

टैक्स की गणना करने से पहले आपको अपनी ‘ग्रॉस सैलरी’ पता होनी चाहिए। यह आपकी CTC (Cost to Company) का वह हिस्सा है जिसमें बेसिक पे, HRA, स्पेशल अलाउंस और बोनस शामिल होते हैं। इसमें से आपको कुछ एग्जेंप्शन (Exemptions) मिलते हैं जैसे:

  • HRA (घर का किराया)
  • LTA (लीव ट्रेवल अलाउंस)

2. स्टैंडर्ड डिडक्शन (Standard Deduction)

यह एक ऐसी छूट है जो हर सैलरीड व्यक्ति को मिलती है, चाहे उसका खर्च कुछ भी हो।

  • New Regime (बजट 2025 के बाद): ₹75,000 की छूट।
  • Old Regime: ₹50,000 की छूट।

3. New vs Old Regime: टैक्स स्लैब (2025-26)

भारत में अब दो तरीके से टैक्स लगता है। आइए दोनों के स्लैब देखते हैं:

New Tax Regime (डिफ़ॉल्ट और आसान)

आय (Income)टैक्स रेट
₹0 - ₹3 लाखNil
₹3 - ₹7 लाख5%
₹7 - ₹10 लाख10%
₹10 - ₹12 लाख15%
₹12 - ₹15 लाख20%
₹15 लाख से ऊपर30%

नोट: न्यू रिजीम में ₹7 लाख (टैक्सेबल इनकम) तक कोई टैक्स नहीं देना पड़ता (Rebate के कारण)।

Old Tax Regime (इन्वेस्टमेंट के साथ)

यहाँ पुराने स्लैब (₹2.5L, ₹5L, ₹10L) लागू होते हैं, लेकिन यहाँ आप 80C, 80D जैसी छूट का दावा कर सकते हैं।

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4. टैक्स कैलकुलेशन का उदाहरण (Example)

मान लीजिए आपकी सालाना सैलरी ₹12,00,000 है और आप New Tax Regime चुनते हैं:

  1. ग्रॉस इनकम: ₹12,00,000
  2. स्टैंडर्ड डिडक्शन: - ₹75,000
  3. टैक्सेबल इनकम: ₹11,25,000

टैक्स की गणना (Slab wise):

  • ₹0 - ₹3L: ₹0
  • ₹3L - ₹7L (5%): ₹20,000
  • ₹7L - ₹10L (10%): ₹30,000
  • ₹10L - ₹11.25L (15%): ₹18,750
  • कुल टैक्स: ₹68,750 + 4% हेल्थ एवं एजुकेशन सेस (Cess)।

5. कौन सा रिजीम चुनें?

  • New Regime चुनें यदि: आप निवेश (जैसे LIC, PPF) में ज़्यादा पैसा नहीं फंसाना चाहते और कम टैक्स रेट का फायदा लेना चाहते हैं।
  • Old Regime चुनें यदि: आपके पास बड़ा होम लोन है, आप ₹1.5 लाख की 80C लिमिट पूरी करते हैं और हेल्थ इंश्योरेंस (80D) का भी फायदा लेते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q. क्या ₹7 लाख की सैलरी पर सच में कोई टैक्स नहीं है?
A.

हाँ, न्यू टैक्स रिजीम में यदि आपकी टैक्सेबल इनकम (स्टैंडर्ड डिडक्शन के बाद) ₹7 लाख तक है, तो रिबेट (Section 87A) के कारण आपको कोई टैक्स नहीं देना होगा।

Q. क्या मैं हर साल टैक्स रिजीम बदल सकता हूँ?
A.

सैलरीड व्यक्ति हर साल ITR फाइल करते समय अपना टैक्स रिजीम बदल सकते हैं। जानिए ITR-1 vs ITR-2 में क्या अंतर है।


नतीजा

सैलरी पर टैक्स कैलकुलेट करना कोई रॉकेट साइंस नहीं है। आपको बस अपनी ग्रॉस इनकम से स्टैंडर्ड डिडक्शन घटाना है और स्लैब के हिसाब से कैलकुलेट करना है। सही रिजीम चुनने के लिए अपनी सेविंग्स और इन्वेस्टमेंट का हिसाब ज़रूर रखें। टैक्स बचाना भी एक तरह की कमाई है!

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