SIP क्या है इसके फायदे और नुकसान

जैसा कि आप सभी जानते हैं कि कि आपने एसआईपी SIP के बारे में बात करते हुए बहुत लोगों के मुंह से सुना होगा SIP से जुड़े काफी पोस्ट आपने अपने मोबाइल या कंप्यूटर में देखे होंगे पर आप नहीं जानते SIP क्या है ,तो इस

पोस्ट में हम आपको एसआईपी SIP के बारे में बताएंगे SIP की फुल फॉर्म क्या होती है, SIP क्या है इसके फायदे और नुकसान, एसआईपी रिस्क क्या है, इसके बारे में आपको विस्तार पूर्वक जानकारी देंगे तो चलिए आपको इसके बारे में बताते हैं।

सिप या एस आईपी क्या है

सिप अर्थात सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करने का एक तरीका है, जिसमें आप अपनें धन को एक मुश्त निवेश करनें के बजाय एक निश्चित अंतराल में धीरे-धीरे करते है ।

दूसरे शब्दों में हम यह कह सकते है कि सिप (SIP) में आपसे एक निश्चित अंतराल में पैसे लिए जाते है और आपसे लिए गये धन को म्यूच्यूअल फण्ड में इन्वेस्ट किया जाता है।

एसआईपी में आप कम से कम 500 रुपये प्रति माह के साथ निवेश कर सकते हैं, जबकि अधिकतम कोई सीमा निर्धारित नहीं है।

बहरहाल अगर आप कम पैसे में बचत और निवेश दोनों का मजा लेना चाहते हैं तो एसआईपी आपके लिए बेस्ट है। शेयर बाजार में पैसा लगाने पर इसके डूबने की संभावना ज्यादा है।

जबकि म्युचुअल फंड विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में आपका पैसा बाजार में लगाते हैं। इसमें नुकसान की संभावना कम होती है। इन पर नजर रखने के लिए एम्फी नामक संस्‍था भी है। सभी म्युचुअल फंड इसी के निर्देश पर काम करते हैं।

एसआईपी अकाउंट में निवेश कैसे करे

सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) को तीन प्रकार से शुरू किया जा सकता है।

पहला और सबसे जरूरी दस्तावेज तैयार रखें

एसआईपी शुरू करने के लिए आपके पास कुछ जरूरी डॉक्यूमेंट्स होने चाहिए। जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक अकाउंट, बैंक स्टेटमेंट, पासपोर्ट साइज के फोटो, और चेक बुक शामिल हैं।

अगर सारे डॉक्युमेंट्स आपके पास मौजूद है तो आप बड़ी आसानी से सिप में निवेश की शुरुआत कर सकते है इसे चाहे तो ऑनलाइन एप्लीकेशन के जरिये या वेबसाइट के माध्यम से अकाउंट बना सकते है और निवेश कर सकते है।

केवाईसी है जरूरी

म्यूचुअल फंड्स में निवेश शुरू करने के लिए नो योर कस्टमर (केवाईसी) अनिवार्य है। आपको नाम, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर, एड्रेस आदि जरूरी जानकारी देनी होगी।

ये आपको सिर्फ एक बार देना है। ऑनलाइन भी केवाईसी यानी ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। आप किसी शेयर ब्रोकर से ऑनलाइन ट्रेडिंग अकाउंट खोल कर ऑनलाइन तरीके से म्‍युचुअल फंड में निवेश कर सकते है।

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म्यूचुअल फंड की वेबसाइट पर जाएं

तीसरे प्रकार के अंतर्गत आप सीधे प्‍लान में इन्‍वेस्‍टमेंट कर सकते है, इसमें निवेशक म्‍युचुअल फंड कंपनियों की वेबसाइट पर जाकर डायरेक्ट म्‍युचुअल फंड में इन्वेस्टमेंट कर सकते हैं।

आज के समय में आप बिना किसी Paper Work के SIP में निवेश कर सकते हैं। आप ET Money की App से आसानी से निवेश कर सकते हैं! ET money के अलावा और भी कई App हैं जिनकी सहायता से आप कुछ समय में निवेश की शरुआत कर सकते हैं।

एसआईपी के फायदे

अब हम लोग एसआईपी से जुड़े कुछ फायदे जानते है उस पर एक नजर डालेंगे।

छोटी राशि से इन्वेस्टमेंट करे

एसआईपी में छोटी राशि को आप जरुरत हो तो निकल सकते हो। लम्बे समय तक काम राशि आपको अचछा रिटर्न दे सकती हैं! जिससे आपको आगे भी निवेश करने में आसानी होगी।

इनकम टैक्स में छूट

अगर आप इनकम टैक्स स्लैब के दायरे में आते है और इनकम टैक्स रिटर्न करते है उसके लिए सिप फायदे मंद साबित हो सकता है टैक्स रिटर्न में कटौती हो सकती है कुछ छूट मिल सकता है।

एसआईपी में मिलता है कंपाऊंडिंग का फायदा

एसआईपी में कम्पाउंडिंग का फायदा मिलता है यदि लम्बे समय तक निवेश करते है तो अधिक प्रॉफिट होता है।

एसआईपी में निवेश के साथ मिलने वाला रिटर्न को भी आप निवेश में लगा सकते है। जिससे आपको Power Compounding का भी फायदा मिलेगा।

आइये एक उदहारण से समझते हैं एसआईपी में कम्पाउंडिंग का फायदा कैसे मिलता है।

अगर कोई 1000 रुपये का मासिक निवेश एसआईपी के माध्यम से करता है तो यह 10 साल में बढ़कर 2.38 लाख रुपये हो सकता है। इस स्थिति में आपका निवेश केवल 1।20 लाख रुपये का ही होगा।

हर महीने थोड़ा-थोड़ा निवेश 10 साल में लगभग दोगुना हो सकता है। यहां पर म्‍युचुअल फंड स्‍कीम का औसत रिटर्न 12 फीसदी माना गया है। दरअसल ऐसा रिटर्न कपांउडिंग के लाभ के चलते मिलता है।

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निवेश की कोई सीमा नहीं एसआईपी में

एसआईपी को कितने भी समय तक चलाया जा सकता है। निवेशक जिस दिन चाहे वह सिप बंद कर सकता है, इस पर कोई पेनल्‍टी नहीं लगती है। सिप (SIP) में निवेश न्‍यूनतम 500 रुपये से शुरू कर सकते हैं, लेकिन अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं है।

लांग टर्म निवेश के फायदे

आपकी एसआईपी जितने ज्यादा पुरानी होती जाएगी उसका रिस्क भी उतना कम होता चला जाएगा। थोड़ा-थोड़ा पैसा जुड़कर बड़ा अमाउंट हो जाएगा और जरूरत के समय यह आपके काम आएगा। आप अगर लक्ष्‍य निर्धारित कर एसआईपी करते हैं तो यह आपके लिए वरदान है।

जैसे आप अपने 3 साल के बच्चे की उच्च शिक्षा के लिए 15 साल के लिए 500 रुपए प्रतिमाह की एसआईपी करते हैं तो हो सकता है कि उस समय यह आपको पूरी तरह चिंता से मुक्त कर दें। इसी तरह बच्चों की शादी और अन्य जरूरी कार्यों के लिए भी आप छोटी-छोटी एसआईपी का सहारा ले सकते हैं।

एसआईपी में पैसा सीधे बैंक अकाउंट में

एसआईपी (SIP) में निवेशक द्वारा निर्धारित धनराशि उनके अकाउंट से प्रति माह डायरेक्ट क्रेडिट हो जाती है।

हर माह एसआईपी के लिए कई तारीखों में किसी एक को भी चुनने का मौका मिलता है। आपको निवेश की तारीख याद रखने और बैंक में जाकर रकम जमा करने जैसी परेशानी नहीं उठानी पड़ती।

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एसआईपी के नुकसान

जैसा की हर सर्विस, वस्तु के कुछ फायदे होते हैं तो नुकसान भी होते हैं वैसे ही SIP के भी कुछ नुकसान है जिनकी लिस्ट निम्नवत है।

  • छोटी अवधि के लिए अर्थात एक या दो सालों के लिए SIP में इन्वेस्ट करना फायदे का सौदा नहीं हो सकता है। क्योंकि अक्सर देखा जाता है की छोटी अवधि में इससे अच्छे रिटर्न नहीं मिल पाते हैं।

  • अगर एसआईपी मिस कर देते है तो आपको नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।

  • हर महीने के अंतराल में पैसो की आवश्यकता पड़ती है जिसका व्यवस्था करना पड़ता है।

  • यदि निवेशक द्वारा एसआईपी में निवेश ब्रोकर द्वारा किया जाता है तो निवेशक को 2.5% एंट्री लोड के तौर पर ब्रोकर को देना होता है।

  • एसआईपी में इन्वेस्टमेंट पूरी तरह से जोखिम को समाप्त नहीं करता है।

  • बाजार में उतार चढ़ाव के समय अच्छा रिटर्न नहीं मिलता है।

एसआईपी रिस्क क्या है

सिप में Risk kya hai: SIP में कुछ Risk भी होते है जिनसे आपको बच के भी रहना है। आइये जानते हैं ये Risk क्या हैं।

  • सिप में लम्बे समय के लिए कम राशि से निवेश होता है। इसलिए इसमें Risk कम देखा जाता है।

  • अगर कभी SIP में आपका Investment का स्तर गिरा तो वहां पर आपको खतरा हो सकता है।

  • आपको बाजार के Basic व्यवहार के साथ चलना होगा। ऐसे में कम मूल्य पर आपका जमा किया हुआ निवेश खत्म या शून्य भी हो सकता है।

  • अगर कभी एसआईपी SIP में आपका इन्वेस्टमेंट का स्तर गिर जाए तो वहां पर आप को खतरा हो सकता है।

  • अगर कोई कपंनी किसी Payments को लेकर Bonds Holders से किसी तरह का धोखा करती है। तो Default Risk भी हो सकता है।

  • कहीं पर कोई तकनीकी व्यवस्था में दिक्कत जैसी समस्याओं का सामना आपको करना पड़ सकता है। किन्तु आज के समय में सारा Process Electronic Mood में परिवर्तित हो चुका है।

  • आपको बाजार के बेसिक व्यापार के साथ चलना हो गया ऐसे में कम मूल्य पर आपका जमा किया हुआ निवेश खत्म हो सकता है।

  • किसी भी एक कंपनी का ग्रेड गिरने से म्यूचुअल फंड के यूनिट के मूल्य पर भी आप असर पड़ता है।

  • अगर कोई कंपनी किसी पेमेंट को लेकर बॉन्ड फोल्डर को किसी तरह का धोखा देती है तो यह Default Risk हो सकता है।

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एसआईपी क्या है इसके फायदे और नुकसान से संबंधित प्रश्न और उत्तर

एसआईपी कैसे काम करता है?

एसआईपी में रेग्‍युलर निवेश लंबे समय तक किया जाए, तो एक अच्‍छा खास फंड बनाने में मदद मिल सकती है। एसआईपी की तरह सिस्टमैटिक ट्रांसफर प्लान (STP) भी निवेशकों के लिए निवेश का एक अच्‍छा ऑप्‍शन है।

सीधे शब्‍दों में समझें तो एसटीपी एक ऐसी एसआईपी है, जो एक म्यूचुअल फंड स्‍कीम से दूसरे म्यूचुअल फंड स्‍कीम में ट्रांसफर की जाती है। अगर बाजार में उतार-चढ़ाव का अंदेशा है, तो इक्विटी फंड में एकमुश्त पैसा लगाने की बजाए सिस्टमैटिक ट्रांसफर प्लान का ऑप्‍शन चुन सकते हैं।

एसआईपी का अर्थ क्या है?

एसआईपी (SIP) अर्थात सिस्टमेटिक इनवेस्टमेंट प्लान एक वित्तीय नीति है जिसमें एक किस्त की निश्चित राशि एक स्कीम में नियमित रूप से निवेश किया जाता है।

एसआईपी के जरिए निवेशक एक निश्चित राशि नियमित अंतराल पर निवेश करता है। ये आपको एक बार में भारी पैसा निवेश करने की जगह म्यूचुअल फंड में कम अवधि का निवेश करने की आजादी देता है।

सिप में रिस्क क्या है

SIP से म्‍यूचुअल फंड में निवेश की शुरुआत, आसान होगा रिस्‍क-रिटर्न समझना Mutual fund investment: म्‍यूचुअल फंड इन्‍वेस्‍टमेंट आज के समय में तेजी से पॉपुलर हो रहा निवेश ऑप्‍शन है। डिजिटाइजेशन के साथ-साथ म्‍यूचुअल फंड में निवेश करना काफी आसान हो गया।

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SIP खाता कैसे खोले?

एक एसआईपी शुरू करने के लिए कदम

  • अपने उद्देश्यों को निर्धारित करें एसआईपी में पहला कदम हमेशा उद्देश्यों के निर्धारण के साथ शुरू होता है।
  • निवेश का कार्यकाल निर्धारित करना
  • केवाईसी कंप्लेंट होना
  • आप निवेश करने की योजना के लिए सर्वश्रेष्ठ योजना का निर्धारण करें
  • निवेश राशि और दिनांक तय करें
  • मॉनिटर और असंतुलन आपके निवेश

क्या SIP को बीच में छोड़ सकते हैं, किसी जमा नहीं किया तो क्या होगा ?

कानूनी तौर पर फंड देकर SIP को पूरा करना होता है, लेकिन आप चाहें तो कंपनी को लिखित पत्र देकर बीच में रोक सकते हैं।

किसी महीने जमा नहीं किया तो अगले महीने से SIP जाएगी। अगर SIP की डेट पर आपके खाते में उपयुक्त बैंलेस नहीं है तो बैंक चार्ज काट लेगी।

SIP में पैसा कब लगाना चाहिए ?

एसआईपी निवेश का एक तरीका है। बाजार का स्तर कुछ भी हो आप इसको जारी रख सकते हैं। अगर मंदी का दौर है उस समय SIP में पैसे लगा रहे हैं तो यह आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।

लंबे समय वाला SIP निवेश फायदे का सौदा होता है ?

हर महीने 100-500 रुपये से शुरुआत करके कोई भी SIP करा सकता है। साथ ही, कंपाउंडिंग का फायदा मिलता है और लंबी अवधि के लोगों को ज्यादा रिटर्न मिलता है।

हर महीने एक तय राशि आप SIP के जरिए निवेश कर सकते हैं। उसका फायदा ये होगा कि जब शेयर बाजार में रिटर्न बढ़ेगा तो आप टॉप अप के जरिए अपनी किश्त भी बढ़ा सकते हैं।

पहले से चल रहे SIP में एकमुश्त राशि निवेश कर सकता हूं क्या ?

एसआईपी में निवेश का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें एकमुश्त निवेश की बजाय नियमित तौर पर एक निश्चित रकम जमा कर शानदार रिटर्न हासिल कर सकते हैं।

एसआईपी के जरिए न सिर्फ लांग टर्म बल्कि मीडियम टर्म के लक्ष्यों को भी हासिल किया जा सकता है। कुछ ऐसी स्कीम हैं जिसने निवेशकों को पांच साल में 30 फीसदी से अधिक का रिटर्न दिया है।

एसआईपी का फुल फॉर्म क्या है?

SIP ka full form जानिए SIP Full Form (Systematic Investment Plan) हिंदी अर्थ व्यवस्थित निवेश योजना होता है यह नए निवेशक के लिए एक बेहतरीन योजना है।

निष्कर्ष

मुझे आशा है यह लेख आपको पसंद आया होगा अगर इस लेख से जुडी कोई और जानकारी जानना चाहते है तो उसे आप कमेंट के जरिये पूछ सकते है उसका जवाब आपको अवश्य दिया जायेगा।

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