नए लोग स्टॉक बाज़ार में ऑनलाइन ट्रेडिंग कैसे करें

अगर आपको स्मार्ट तरिके से जल्दी अमीर होना हैं तो आज के वक्त शेअर मार्केट हि एकमात्र करियर हैं जहां आप यह आसानी से अमीर बन सकते हों

आज हम आपको बताने वाले हैं ट्रेडिंग क्या है, ट्रेडिंग कितने प्रकार के होते हैं, ट्रेडिंग अकाउंट क्या है, आज के इस पोस्ट में आपको वो सब चीजें बताने वाला हूं जिससे आपको ट्रेडिंग की अच्छी खासी जानकारी मिल जाएंगी और आसानी से पैसे कमा सकते हो।

आज के समय सभी लोग ऑनलाइन पैसे कमाना चाहते हैं और ऑनलाइन जल्दी कमाने के लिए बहुत से तरीके ढूंढते हैं।

इंटरनेट पर ऐसे बहुत से तरीके मौजूद हैं जिनसे आप लाखों कमा सकते हो ऐसे ही ट्रेडिंग है आप अगर ट्रेडिंग करना जानते हो तो इसमें आप अनलिमिटेड पैसे कमा सकते हो

ट्रेडिंग करना आप बहुत जल्द सीख सकते हो. तो इस पोस्ट को शुरू से लेकर अंत तक पढ़े हैं। तो चलिए अब बात करते हैं ट्रेडिंग क्या होता है, या ट्रेडिंग कैसे सीखें।

ट्रेडिंग क्या होता है?

ट्रेडिंग को आसान शब्दों में व्याख्या करें तो हिंदी में इसे " व्यापार " कहा जाता है। किसी वस्तु या सेवा को मुनाफा कमाने की आशा से खरीदना और बेचना। यह एक तरह का व्यापार ही है।

उदाहरण के तौर पर अगर हम share market में शेयर खरीद रहे हैं तो हमारे जैसे कोई अन्य व्यक्ति होगा जो उन शेयर को बेच रहा होगा। चलिए इसे अब अपने डेली लाइफ से जोड़ते हैं।

मान लीजिए आपने होलसेल स्टोर से कोई सामान ₹50 खरीदा और उसे बाद में ₹60 लगा कर कस्टमर्स को बेच दिया। अगर यह आप रोजाना करते हैं तो इसे ट्रेडिंग कहा जाता है।

ट्रेडिंग कितने प्रकार के होते हैं

शेयर मार्किट में मुख्य रूप से 3 प्रकार कि ट्रेडिंग होती है और ट्रेडर मुनाफा कमाने के लिए अपनी सुविधा अनुसार ट्रेडिंग करते है।

  • Intraday Trading
  • Scalping Trading
  • Swing Trading

इंड्रा डे ट्रेडिंग

शेयर बाजार में कुछ घंटो के लिए या एक ट्रेडिंग सेशन के लिए पैसा लगाने को इंट्रा डे कहा जाता है। मान लिजिए बाजार खुलने के समय आपने एक शेयर में पैसा लगाया और देखा की आपको आपके मन मुताबिक मुनाफा मिल रहा है तो आप उसी समय उस शेयर को बेचकर निकल सकते है।

इंट्रा डे में अगर आप शेयर उसी ट्रेंडिग सेशन में नही भी बेचेंगे तो वो अपने आप भी सेल ऑफ हो जाता है। इसका मतलब आपको मुनाफा हो या घाटा हिसाब उसी दिन हो जाता है। जबकि डिलवरी ट्रेडिंग में आप शेयर को जबतक चाहे होल्ड करके रख सकते हैं।

इंट्रा डे में एक बात यह भी है कि आपको ब्रोकरेज ज्यादा देनी पड़ती है। हां लेकिन इस ट्रेडिंग की खास बात यह है कि आप जब चाहे मुनाफा कमा कर निकल सकते है।

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स्केलपिंग ट्रेडिंग

स्केलपिंग ट्रेडिंग इंट्राडे ट्रेडिंग की तरह ही एक दिन के अंदर की जाती है। लेकिन स्केलपिंग ट्रेडिंग को हम कुछ ही मिनट या घंटे के अंदर पूरा कर लेते हैं।

शेयर मार्केट में लोग कुछ ही मिनट के अंदर हजारों रुपये कमा लेते है वो भी बिना किसी नुकसान के, क्योंकि वो लोग स्टॉक एक्सचेंज के शेयर पर स्केलपिंग ट्रेडिंग करते है।

यह ट्रेडिंग कुछ ही समय के लिए की जाती है इसलिए इसे स्केलपिंग ट्रेडिंग कहा जाता है।

एक उदाहरण से समझते

अपने एक शेयर को चुना जिसपर सबसे ज्यादा उछाल आता है। अपने निर्णय लिया कि आप इस पर 10,000 रुपये के साथ स्केलपिंग ट्रेडिंग करेंगें।

आप जिस शेयर पर सकैलपिंग ट्रेडिंग करने वाले है उसकी कीमत अभी 120 रुपये प्रति शेयर चल रही है।

अब आपके ट्रेडिंग अकाउंट में अपने 10,000 रुपये डाले, आपको आपके ट्रेडिंग अकाउंट पर 5 गुना margin मिला है।

तो अपने 4 गुना margin money के साथ 120 रुपये प्रति shares की कीमत वाले शेयर को।

50,000 रुपये में खरीद लिया और जैसे ही share की कीमत 120।25 रूपए/पैसे प्रति शेयर हुई। सारे शेयर बेच दिए और 25 पैसे प्रति शेयर की कीमत पर मुनाफा कमा लिया।

इसे स्केलपिंग ट्रेडिंग कहते है। एक बात हमेशा ध्यान रखे कि भले ही आप स्केलपिंग ट्रेडिंग कर रहे है। लेकिन stop loss लगाना न भूले।क्योंकि Stop Loss आपको सभी ट्रेडिंग में नुकसान से बचाता है।

स्विंग ट्रेडिंग

स्विंग ट्रेडिंग शेयर बाजार मे मुनाफा कमाने का एक और बढ़िया विकल्प है। लेकिन स्विंग ट्रेडिंग को बुनियादी तौर पर समझे बिना इसका प्रयोग करने से आपको कभी लाभ नहीं मिल सकता। अगर आप शेयर बाजार मे नए है और निवेश की शुरवात कर रहे है तो आपको इसे अपनाने के पहले ठीक से जानना जरुरी है।

स्विंग ट्रेडिंग नए ट्रेडर्स के लिए सबसे अच्छी ट्रेडिंग करने का तरीका है क्योंकि इसमें थोड़ी सी जानकारी के साथ ट्रेडिंग की जा सकती है एवं रिस्क भी कम होता है एवं दिनभर ट्रेनिंग टर्मिनल के पास बैठने की आवश्यकता नहीं होती है।

स्विंग ट्रेडिंग करने के लिए सबसे पहले आपको एक स्ट्रेटेजी बनानी होगी कि आप किस कंपनी के शेयर खरीदेंगे और कितने दिन तक के लिए ट्रेडिंग करेंगे। तो सबसे पहले स्विंग ट्रेडिंग के लिए शेयर को चुनने कि स्ट्रेटेजी बनाना सीखते है ताकि हम आसानी से स्विंग ट्रेडिंग करना सीख सके।

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ट्रेडिंग अकाउंट क्या है?

ट्रेडिंग अकाउंट शेयर बाजार में शेयरों को खरीदने या बेचने के लिए हमें एक अकाउंट की जरूरत होती है जिसे हम ट्रेडिंग अकाउंट कहते है।

ट्रेडिंग अकाउंट आपके बैंक अकाउंट की तरह ही होता है जैसे हमें बैंक में पैसों का लेन-देन करने के लिए बैंक अकाउंट की जरूरत होती है ठीक उसी तरह हमें शेयर खरीदने और बेचने के लिए ट्रेडिंग अकाउंट की जरूरत होती है।

ट्रेडिंग अकाउंट के बिना हम न तो शेयर बाजार से शेयरों को खरीद सकते और न ही बेच सकते क्योंकि Stock Exchange से शेयरों को खरीदने और बेचने के लिए हमें ट्रेडिंग अकाउंट की जरूरत पड़ती है।

ट्रेडिंग में क्या क्या आता है?

ट्रेडिंग अकाउंट में खरीद बिक्री के आलावा खरीद बिक्री के लिए पैसा भी जमा कर सकते और निकाल सकते है।

जितनी राशि के शेयर आपको खरीदने है उतनी राशि आपको अपने ट्रेडिंग अकाउंट में जमा करवानी पड़ेगी। फिर आप उस शेयर को खरीदने का Order रख सकते है।

आपके द्वारा रखा गया यह Order, Stock Exchange (जैसे NSE और BSE) पर जाता है।

शेयर बाजार में ट्रेडिंग क्या है?

शेयर बाजार में एक ही ट्रेडिंग डे पर शेयर खरीदने और बेचने को इंट्रा डे ट्रेडिंग कहते हैं।

यहां शेयर खरीदा तो जाता है लेकिन उसका मकसद निवेश करना नहीं, बल्कि एक दिन में उसमें होने वाली बढ़त से मुनाफा कमाना होता है। हालांकि यह ध्यान रखने वाली बात है कि यहां जरूरी नहीं है कि हमेशा निवेशकों को फायदा ही हो।

डिलीवरी ट्रेडिंग क्या है?

डिलीवरी ट्रेडिंग का मतलब है कि इन्वेस्टर स्टॉक को होल्ड कर सकता है और फिर स्टॉक को डीमैट अकाउंट में ट्रांसफर कर सकता है।

डिलीवरी ट्रेडिंग बिना कोई टाइम लिमिट के काम करता है, जिसका मतलब है कि आप जब मन चाहे स्टॉक बेच सकते हैं। ट्रेडर के पास पूरा अधिकार है कि वह अपने मर्जी से शेयर को होल्ड कर सकता है।

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डेरिवेटिव ट्रेडिंग क्या है?

डेरिवेटिव ट्रेडिंग शेयर मार्केट में डेरिवेटिव्स की खरीद या बिक्री होती है। डेरिवेटिव में व्यापार एक पूर्व निर्धारित मूल्य के लिए भविष्य में डेरिवेटिव व्यापार करने के लिए व्यापार दलों के बीच समझौते के आसपास घूमती है । डेरिवेटिव ट्रेडिंग आमतौर पर शेयर मार्केट के बिजनेस घंटों के हिसाब से होती है।

ट्रेडिंग खाता क्या होता है?

आपका ट्रेडिंग अकाउंट आपके डीमैट और बैंक अकाउंट के बीच एक लिंक है। यह आपके शेयरों को आपके डीमैट खाते से डेबिट करके बेचने की सुविधा देता है और आपके बैंक खाते में पैसे क्रेडिट करता है।

इसके विपरीत, शेयर खरीद के मामले में, यह आपके डीमैट खाते में शेयरों को क्रेडिट करता है और आपके बैंक खाते से पैसे डेबिट करता है।

ट्रेडिंग के क्या लाभ हैं?

ऑप्शन में ट्रेड करने पर आप पूर्ण रूप से शेयर खरीदने के लिए आवश्यक पैसों की तुलना में बेहद कम पैसों से स्टॉक के शेयर पर सीमित नियंत्रण पा सकते हैं। ऑप्शन ट्रेडिंग के दौरान कुछ प्रीमियम चुकाकर नुकसान का बीमा कवर भी लिया जा सकता है। ये बीमा कवर किसी निश्चित प्रतिभूति के मूल्यों में उतार चढ़ाव से आपकी सुरक्षा करते हैं।

फ्यूचर एंड ऑप्शन ट्रेडिंग क्या है?

फ्यूचर्स ट्रेडिंग भविष्य में बिक्री या खरीद करने का एक अनुबंध है। एक वायदा अनुबंध में एक खरीदार और एक विक्रेता होता है, जो दोनों सहमत होते हैं कि किसी संपत्ति को एक विशिष्ट दिन पर एक विशिष्ट मूल्य के लिए खरीदा या बेचा जाएगा। संपत्ति डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल इंडेक्स की तरह एक कमोडिटी, एक मुद्रा या एक इंडेक्स भी हो सकती है।

ट्रेडिंग कैसे करें घर पर?

ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश घर से कर सकते हैं। अगर आप भी ऑनलाइन ट्रेडिंग करने की सोच रहे हैं या एडिशनल कमाई का जरिया ढूंढ रहे हैं। तो आप के लिए एक अच्छा ऑप्शन हैं।

ट्रेडिंग करने के लिए आपके पास ट्रेडिंग अकाउंट एवं डिमैट अकाउंट होना बहुत जरूरी है।

क्योंकि इनके बिना आप ट्रेडिंग नहीं कर सकते. अगर आपके पास ये है तो अब आपको ट्रेडिंग अकाउंट की मदद से शेयर मार्केट से शेयर को कम दामों में खरीदना है और उस शेयर की कीमत बढ़ जाने पर उसे ज्यादा दाम में बेच कर मुनाफा कमाना है।

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इंट्राडे ट्रेडिंग से पैसे कैसे कमाए?

मान लेते है की आपने ₹200 के हिसाब से 10 शेयर्स ख़रीदे, और स्टॉक का प्राइस मार्किट बंद होने तक ₹210 पहुंच गया यानी की आपको ₹100 का मुनाफा हुआ। लेकिन अगर आपने ट्रेड करते हुए ₹50 स्टॉक ख़रीदे होते तो आपको इंट्राडे ट्रेड में ₹500 का फायदा होता।

ऑनलाइन ट्रेडिंग अकाउंट क्या होता है?

Trading Account एक ऐसा खाता है, जिसमे निवेशक या ट्रेडर के पैसा जमा होते है। यह Trading Account , निवेशक या ट्रेडर के डीमैट अकाउंट से लिंक कर दिया जाता है। जिसकी वजह से शेयर खरीदने के बाद शेयर Demat अकाउंट में जमा हो जाते है। और शेयर बेचने पर Demat Account में से शेयर निकल जाते है।

ब्रोकरेज अकाउंट क्या है?

शेयर बाजार में निवेश के लिए डीमैट अकाउंट होना जरूरी है। बिना इसके ट्रेडिंग नहीं की जा सकती है। कई बार डीमैट अकाउंट के ट्रांजैक्‍शन में दिक्‍कतें या उसमें रुकावटें आती हैं। आमतौर पर, निवेशक या उसकी ब्रोकरेज फर्म ब्रोकरेज अकाउंट बंद कर सकती है।

निष्कर्ष

जैसे कि आपने हमारी आज के लेख में ट्रेडिंग कैसे करते हैं, ट्रेडिंग कितने प्रकार के होते हैं, ट्रेडिंग अकाउंट क्या है, ट्रेडिंग कैसे सीखें के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की है। आज आपने ट्रेडिंग के साथ साथ ट्रेडिंग के प्रकार और निवेश से ट्रेडिंग किस तरह अलग होता है यह भी जाना है।

तो यह थी ट्रेडिंग क्या है के बारे में कुछ जरूरी जानकारियां अगर आपको इस आर्टिकल में कुछ सीखने को मिला तो आप इस आर्टिकल को अपने जानने वालों के साथ भी शेयर करें और उनको भी बताएं। ऐसे ही और शेयर मार्केट से जुड़ी ढेर सारी जानकारी इस ब्लॉग में आपको मिलेगी।

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